हमारी सोच
गाँव के हुनर को मिले अपना बाज़ार
उत्तराखंड के दूर-दराज़ गाँवों में आज भी लोग शुद्ध घी, जड़ी-बूटी, ऊनी सामान और हाथ की बनी चीज़ें बनाते हैं। पर ज़्यादातर के पास न अपना ब्रांड है, न वेबसाइट, न ग्राहक तक पहुँचने का रास्ता। इसीलिए अक्सर यही सामान दूसरे ब्रांड इनसे लेकर अपने नाम से बेचते हैं, और बनाने वाले का नाम पीछे रह जाता है।
पहाड़ी बाज़ार ख़ास तौर पर गाँव-देहात के उन लोगों के लिए है जो अभी अपना काम शुरू कर रहे हैं। यहाँ सब एक ही मंच पर आते हैं: बनाने वाला अपने नाम से बेचता है, और ग्राहक सीधे उसी से ख़रीदता है।
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1
बनाने वाले से सीधा
बीच में कोई ब्रांड नहीं। ग्राहक सीधे विक्रेता से बात करता है।
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2
नई शुरुआत करने वालों के लिए
बिना बड़ी पूँजी और बिना अपनी वेबसाइट के भी अपना काम शुरू करें।
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3
आपके साथ बढ़ता मंच
जैसे-जैसे काम बढ़ेगा, नई सुविधाएँ जुड़ती जाएँगी।